Bilaspur University विश्वविद्यालय द्वारा सभी 19 महाविद्यालय को जारी हुई आवश्यक अधिसूचना

Bilaspur University विश्वविद्यालय द्वारा सभी 19 महाविद्यालय को जारी हुई आवश्यक अधिसूचना

अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी ने राज्य शासन की संबद्धता के बगैर ही 19 कॉलेजों का पोर्टल खोलकर एडमिशन दिए। अब परीक्षा भी करा रही है।

मार्च में मामले का खुलासा किया था, इसके बाद यूनिवर्सिटी ने छात्रों का प्रवेश पत्र रोक दिया था। एनएसयूआई ने प्रदर्शन किया, तो छात्रों का प्रवेश पत्र जारी किया गया। अब यूनिवर्सिटी ने दो महीने बाद कॉलेजों को शोकॉज > नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा है। यूनिवर्सिटी ने

कॉलेजों से पूछा है कि उचित कारण नहीं होने पर क्यों ना आपकी अस्थाई व स्थाई संबद्धता समाप्त कर दी जाए? अगर समय पर जवाब नहीं मिला तो शासन को सूचना दी जाएगी। कार्यपरिषद में मामला रखकर कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन और प्राचार्य की होगी। वहीं इस गड़बड़ी के लिए यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार अधिकारियों को अब तक शोकॉज नोटिस जारी नहीं किया गया है।

इन कॉलेजों ने नहीं ली है संबद्धता सीएमडी कॉलेज, डीपी विप्र कॉलेज, डीपी विप्र बीएड कॉलेज, कॉलेज ऑफ एजुकेशन मेढुका, सीएसआर कॉलेज, सरदार भगत सिंह कॉलेज, सोनकर कॉलेज, एसएस कॉलेज, आरडीएस कॉलेज, शासकीय कॉलेज दीपका, कमला नेहरू कॉलेज, कोरबा कंप्यूटर कॉलेज, वीरांगना दुर्गावती • कॉलेज मरवाही, शासकीय कॉलेज कोतरी, शासकीय पातालेश्वर महाविद्यालय मस्तूरी, शासकीय महाविद्यालय बरपाली कोरबा, शासकीय महामाया महाविद्यालय रतनपुर ने विभिन्न विषयों में संबद्धता नहीं ली है।

शोकॉज नोटिस में यूनिवर्सिटी ने एयू लिखा है कि कॉलेजों ने परिनियम-28 के कंडिका 8 (1) के में प प्रावधानों की अवहेलना की है। एयू इस ने कहा है कि विवि से अस्थायी संबद्धता लेने के बाद कॉलेजों ने जिन् अधूरे पाठ्यक्रम की उपाधि को पूरा उन्हें पूरी करने के लिए कोई प्रयास नहीं है, किया, बल्कि यूनिवर्सिटी की

अनुमति के बिना छात्रों को प्रवेश दिया गया। इससे नियमों की संब अवहेलना हुई और परीक्षा में कठिनाई आई है, जबकि पोर्टल यूनिवर्सिटी ने ही खोला था।

एयू की सीनियॉरिटी लिस्ट में जिनकी मृत्यु हो गई, या जो स्कूल में पढ़ा रहे, उनका भी नाम है। एयू इस गलती को अब तक दुरुस्त नहीं कर सका है। सत्र 2018 के बाद जिन शिक्षकों ने नेट पास किया है, उन्हें ही परिनियम-28 में भर्ती करना है, पर एयू की सीनियारिटी लिस्ट में बीएड में 10 से अधिक शिक्षक बिना नेट क्वालिफाई हैं। एयू से संबद्ध सभी लॉ कॉलेजों की 3 साल पहले बीसीआई से मान्यता खत्म हो गई है, पर एयू उनकी

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